सिरोही। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत जिले में सड़क सुरक्षा के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जिला परिवहन कार्यालय सिरोही और यातायात पुलिस सिरोही के संयुक्त तत्वावधान में मोटर वाहन हेलमेट रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और यातायात नियमों के पालन के प्रति लोगों को प्रेरित करना रहा। जिला परिवहन अधिकारी अक्षमिता राठौड़ ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैली का शुभारंभ शहर के प्रमुख स्थल अम्बेडकर सर्किल से हुआ, जो विभिन्न मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः अम्बेडकर सर्किल पर आकर संपन्न हुई।
रैली में दुपहिया और चौपहिया वाहनों के चालकों को यातायात नियमों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया गया। विशेष रूप से दुपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चौपहिया वाहन चालकों को सीटबेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया। रैली के दौरान “हेलमेट पहनें, जीवन बचाएं”, “सीटबेल्ट लगाएं, सुरक्षित सफर पाएं” जैसे नारों के माध्यम से सड़क सुरक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाया गया।
जिला परिवहन अधिकारी अक्षमिता राठौड़ ने बताया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की भागीदारी से ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं यातायात नियमों की अनदेखी के कारण होती हैं, जिनमें हेलमेट और सीटबेल्ट न पहनना प्रमुख कारण है। यदि वाहन चालक नियमों का पालन करें तो गंभीर दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान से बचा जा सकता है।
रैली में जिला परिवहन कार्यालय से परिवहन निरीक्षक मनीष खत्री सहित डीटीओ के कार्मिक, यातायात पुलिस प्रभारी राजेश रावल, कोतवाली पुलिस के कार्मिक, सचेन्द्रु रत्नु तथा बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान यातायात पुलिस द्वारा आम लोगों को यातायात नियमों की जानकारी भी दी गई और उन्हें सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित किया गया। अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान जिले भर में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम, स्कूल-कॉलेजों में अभियान और यातायात नियमों के पालन को लेकर विशेष गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इस हेलमेट रैली के माध्यम से सिरोही शहर में सड़क सुरक्षा का मजबूत संदेश दिया गया, जिससे नागरिकों में सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात व्यवहार को बढ़ावा मिल सके।
















