पेशाब में होने वाले बदलाव किडनी की सेहत का अहम संकेत होते हैं। ज्यादा झाग वाला पेशाब अक्सर किडनी के फिल्टर खराब होने और प्रोटीन के पेशाब में निकलने की ओर इशारा करता है, लेकिन इसके पीछे डिहाइड्रेशन, बुखार या ज्यादा एक्सरसाइज जैसे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए जांच जरूरी है। किडनी स्पेशलिस्ट डॉ. अर्जुन सभरवाल ने एक वीडियो में बताया कि यूरीन डिपस्टिक टेस्ट केवल एक स्क्रीनिंग जांच है, जिसमें 1+ प्रोटीन आना हमेशा गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता। उन्होंने स्पष्ट किया कि UACR (यूरीन एल्ब्यूमिन–क्रिएटिनिन रेशियो) किडनी डैमेज का सबसे भरोसेमंद टेस्ट है, खासकर डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए। इसी जांच से शुरुआती किडनी खराबी का सही पता चलता है और समय रहते जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।
















