मुजफ्फरनगर। पुलिस अधीक्षक अपराध द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन में सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। सम्मेलन का उद्देश्य पुलिसकर्मियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना और उनके मनोबल को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम पुलिस लाइन स्थित मंदिर परिसर में आयोजित हुआ, जहां अनुशासित वातावरण में सभी प्रशिक्षु पुलिसकर्मी उपस्थित रहे।
सैनिक सम्मेलन की शुरुआत राष्ट्रगान के साथ की गई। इसके उपरांत पुलिस अधीक्षक अपराध ने पिछले सैनिक सम्मेलन में पुलिसकर्मियों द्वारा उठाई गई समस्याओं के निस्तारण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी समस्या को अनदेखा नहीं किया जाएगा और सभी मामलों का निष्पक्ष एवं त्वरित समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने सम्मेलन में मौजूद पुलिसकर्मियों से सीधा संवाद स्थापित किया और एक-एक कर सभी प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों की व्यक्तिगत एवं विभागीय समस्याएं सुनीं।
पुलिस अधीक्षक अपराध ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों का समाधान स्तर पर संभव है, उन्हें तत्काल निस्तारित किया जाए तथा जिन विषयों के लिए उच्च स्तर पर कार्यवाही आवश्यक है, उन्हें शीघ्र अग्रसारित कर समाधान की सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि सैनिक सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को अपनी बात निर्भीक होकर रखने का अवसर देना है, ताकि वे तनावमुक्त होकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें।
सम्मेलन के दौरान पुलिस अधीक्षक अपराध ने साइबर अपराधों को लेकर भी पुलिसकर्मियों को जागरूक किया। उन्होंने साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी को सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अनजान लिंक, कॉल या मैसेज से दूर रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें। साथ ही सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस बल एक अनुशासित बल है, इसलिए सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की आपत्तिजनक, भ्रामक या विभाग की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधि से बचना सभी की जिम्मेदारी है।
पुलिस अधीक्षक अपराध ने कहा कि प्रत्येक पुलिसकर्मी की आचरण शैली ही पुलिस विभाग की पहचान बनती है। उन्होंने सभी से अपेक्षा की कि वे ड्यूटी के साथ-साथ निजी जीवन में भी अनुशासन, संयम और जिम्मेदारी का परिचय दें। अंत में उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को पूर्ण ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करने के निर्देश दिए और कहा कि जनता की सेवा ही पुलिस का सर्वोच्च धर्म है।

















