बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के खिलाफ हिंसा और उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जिससे भारत समेत दुनिया भर में चिंता और आक्रोश का माहौल बना हुआ है। बीते शनिवार 10 जनवरी को बांग्लादेश के सुनामगंज जिले में एक हिंदू युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान जॉय महापात्रो के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय स्तर पर इसे केवल एक सामान्य घटना बताने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हिंदू संगठनों और मानवाधिकार समूहों का आरोप है कि यह लक्षित हिंसा का हिस्सा है।
बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार हो रहे अत्याचार पर खामोश मोदी सरकार के खिलाफ़ लखनऊ जनपद में प्रांत अध्यक्ष विनय पटेल जी की उपस्थिति में एवं जिलाध्यक्ष इरम रिजवी जी के नेतृत्व में AAP कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन कर बांग्लादेश सरकार का पुतला दहन किया 🔥… pic.twitter.com/oNzWigJDZ0
— Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh (@AAPUttarPradesh) January 11, 2026
बांग्लादेश में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के विरोध में भारत में भी गुस्सा देखने को मिल रहा है। कई राज्यों में सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध दर्ज कराया। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने इसे मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन बताते हुए बांग्लादेश सरकार से तत्काल कार्रवाई की मांग की।
रविवार 11 जनवरी को राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित स्वास्थ्य भवन चौराहे पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता एकत्र हुए। हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश में हिंदुओं की हत्या और उत्पीड़न के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान “हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करो”, “अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बंद करो” जैसे नारे लगाए गए। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बांग्लादेश में लगातार हिंदू समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है और वहां की सरकार इस पर आंखें मूंदे बैठी है।
प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित कार्यकर्ताओं ने बांग्लादेश का पुतला भी फूंका, जिससे माहौल और गर्म हो गया। आम आदमी पार्टी नेताओं ने कहा कि जॉय महापात्रो की मौत कोई अलग-थलग घटना नहीं है, बल्कि यह वहां हिंदुओं के खिलाफ चल रहे हिंसक सिलसिले का हिस्सा है। उन्होंने भारत सरकार से भी मांग की कि वह इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए और बांग्लादेश पर दबाव बनाए, ताकि वहां अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
आम आदमी पार्टी का कहना है कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में धर्म के आधार पर हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती। पार्टी ने चेतावनी दी कि अगर बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हमले नहीं रुके, तो भविष्य में विरोध प्रदर्शन और तेज किए जाएंगे।
















