मुजफ्फरनगर में देशभर में बढ़ते तनाव और नफरत के माहौल के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने एक सकारात्मक और सराहनीय पहल करते हुए अमन, भाईचारा और मोहब्बत का संदेश दिया। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने आम लोगों के बीच फूल और कलम बांटकर यह संदेश दिया कि देश को आगे बढ़ाने का रास्ता नफरत या हिंसा नहीं, बल्कि शिक्षा, संवाद और आपसी प्रेम है। यह कार्यक्रम AIMIM प्रदेश अध्यक्ष जनाब शौकत अली साहब के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें जिलाध्यक्ष, महानगर अध्यक्ष मास्टर खालिद, प्रदेश सचिव हाजी दीन मोहम्मद अब्बासी, सदर विधानसभा अध्यक्ष मास्टर इख्वान सहित अनेक वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। इसके अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष शाहरुल त्यागी, मीरापुर के पूर्व प्रत्याशी अरशद राणा, कुंवर उस्मान अली एडवोकेट और हाफिज जफरयाब राणा ने भी इस मुहिम में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाई।
AIMIM के कार्यकर्ताओं ने मीनाक्षी चौक से एक शांतिपूर्ण जुलूस निकाला, जो शहर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरा, जहां उन्होंने राहगीरों और दुकानदारों को फूल भेंट किए, गले लगाकर आपसी भाईचारे का संदेश दिया और बच्चों व युवाओं को कलम देकर शिक्षा की अहमियत पर जोर दिया। इस दौरान जिलाध्यक्ष ने कहा कि देश में कुछ ताकतें नफरत फैलाकर समाज को बांटने का प्रयास कर रही हैं, जिससे आपसी सौहार्द को नुकसान पहुंच रहा है, लेकिन AIMIM तलवार नहीं बल्कि कलम और फूल बांटने में विश्वास रखती है और किसी भी कीमत पर ऐसा कोई काम नहीं करेगी जिससे मुल्क को नुकसान पहुंचे। महानगर अध्यक्ष मास्टर खालिद ने कहा कि AIMIM का स्पष्ट संदेश है कि प्यार और मोहब्बत से ही समाज मजबूत बनता है और लोग आपस में मिलकर शिक्षा, रोजगार, विकास और देश की तरक्की की बात करें, न कि नफरत और टकराव की। प्रदेश सचिव हाजी दीन मोहम्मद अब्बासी ने भी फूल बांटते हुए कहा कि देश बंदूक या तलवार से नहीं, बल्कि कलम की ताकत से आगे बढ़ता है और जब तक शिक्षा को प्राथमिकता नहीं दी जाएगी, तब तक समाज में स्थायी बदलाव संभव नहीं है। कार्यक्रम के दौरान सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में कहा कि यह मुल्क मोहब्बत, इंसानियत और आपसी सम्मान से चलेगा, नफरत के लिए यहां कोई जगह नहीं होनी चाहिए। AIMIM की यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब समाज में भाईचारे और शांति की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि यह प्रयास संविधान की रक्षा, इंसाफ और मजलूमों की आवाज उठाने वाले बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के विचारों और विजन को दर्शाता है। मुजफ्फरनगर में दिया गया यह अमन का पैगाम न केवल शहर बल्कि पूरे देश के लिए एक मिसाल बन सकता है और उम्मीद जताई जा रही है कि इस तरह की सकारात्मक पहलें आगे भी जारी रहेंगी, जिससे नफरत की जगह प्यार, सद्भाव और आपसी समझ का माहौल कायम हो सके।
















