कोहरे और कड़ाके की ठंड में अलर्ट प्रशासन: सड़क सुरक्षा से लेकर रैन बसेरों तक जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

मुजफ्फरनगर में कोहरे और लगातार बढ़ती ठंड को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने जनपद में सुरक्षा एवं राहत व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं। उनका स्पष्ट कहना है कि ठंड और कोहरे के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि न हो, इसके लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ काम करें।

सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने गन्ना विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि गन्ने से लदे सभी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और ट्रकों पर अनिवार्य रूप से रिफ्लेक्टर लगाए जाएं। कोहरे और रात्रि के समय अक्सर भारी वाहन दूर से दिखाई नहीं देते, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। रिफ्लेक्टर लगाए जाने से वाहन दूर से ही नजर आएंगे और दुर्घटनाओं की संभावना में कमी आएगी। इसके साथ ही उन्होंने सड़कों पर लगे यातायात संकेतकों को दुरुस्त कराने के भी निर्देश दिए हैं, ताकि वाहन चालकों को सही दिशा और सावधानी के संकेत समय पर मिल सकें।

जिलाधिकारी ने इस व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उप जिलाधिकारियों, अधिशासी अधिकारियों, नगर पालिका और नगर पंचायतों के अधिकारियों के साथ-साथ पुलिस विभाग की जिम्मेदारी तय की है। सभी को अपने-अपने क्षेत्रों में सख्ती से इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

ठंड और शीतलहर को देखते हुए बेघर, असहाय और जरूरतमंद लोगों की सुरक्षा को भी प्रशासन ने प्राथमिकता में रखा है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि रात्रि गश्त के दौरान यदि कोई व्यक्ति खुले में, फुटपाथ पर या सड़क किनारे सोता हुआ मिले और उसके पास आश्रय की व्यवस्था न हो, तो उसे तत्काल निकटतम रैन बसेरे में पहुंचाया जाए। उनका कहना है कि कोई भी व्यक्ति मजबूरी में खुले आसमान के नीचे न सोए, यह सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

ठंड से बचाव के लिए कंपनी बाग में एक अतिरिक्त शेल्टर होम भी चालू कराया गया है। पात्र और जरूरतमंद व्यक्तियों को वहां तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों और पुलिस विभाग को सौंपी गई है, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सुरक्षित आश्रय मिल सके।

इस संबंध में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गजेन्द्र कुमार ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और शासन की मंशा बिल्कुल स्पष्ट है कि ठंड के मौसम में कोई भी व्यक्ति खुले में न सोए। इसी क्रम में पुलिस विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं और सभी थानों तथा अधिकारियों को रैन बसेरों की सूची उपलब्ध करा दी गई है।

उन्होंने जानकारी दी कि नगर क्षेत्र में टाउन हॉल और रेलवे स्टेशन पर रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं। इसके अलावा मीरापुर, जानसठ, खतौली, बुढाना, पुरकाजी, सिसौली, चरथावल, भोकरहेड़ी और शाहपुर में नगर पालिका व नगर पंचायत कार्यालयों में भी रैन बसेरे बनाए गए हैं, जहां जरूरतमंदों को रात्रि विश्राम की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

किसी भी आपात स्थिति या सहायता के लिए कलेक्ट्रेट परिसर स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के हेल्पलाइन नंबर 1077, 9412210080 और 0131-2433023 जारी किए गए हैं। ये हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय रहेंगे, ताकि ठंड के मौसम में किसी भी प्रकार की जनहानि न हो।

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