मुजफ्फरनगर। जनपद के राजकीय जिला पुस्तकालय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और भविष्य की योजनाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के सदस्यों ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। बैठक में पुस्तकालय के प्रभारी डॉ रणवीर सिंह ने विस्तृत एजेंडा प्रस्तुत करते हुए पुस्तकालय परिसर के समग्र विकास की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय परिसर में खाली पड़ी भूमि में टाइलीकरण कराए जाने, समस्त भवन की रंगाई-पुताई, बालिका शौचालय के निर्माण और गार्ड रूम की व्यवस्था किए जाने की तत्काल आवश्यकता है। इन सभी कार्यों के लिए शासन से बजट की मांग किए जाने का प्रस्ताव रखा गया।
बैठक में पुस्तकालय भवन के सामने लगे अव्यवस्थित होर्डिंग हटाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। इसके साथ ही भवन के सामने लगातार खड़ी रहने वाली बसों और उनके शोर से अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को हो रही परेशानी पर भी गंभीर चर्चा की गई। सदस्यों ने कहा कि शांत वातावरण पुस्तकालय की मूल आवश्यकता है और इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।पुस्तकालय के समय में परिवर्तन, पाठकों से लिए जाने वाले शुल्क की समीक्षा, परिसर में संचालित अभ्युदय कोचिंग को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित करने और शौचालयों की नियमित सफाई के लिए एक स्थायी सफाई कर्मी की नियुक्ति जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इन सभी बिंदुओं पर मुख्य विकास अधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए समस्याओं के समाधान और सुझावों को अमल में लाने का आश्वासन दिया।
डॉ रणवीर सिंह ने बैठक में जानकारी दी कि वर्तमान समय में पुस्तकालय में आने वाले विद्यार्थियों के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि पुस्तकालय द्वारा नियमित रूप से कैरियर काउंसलिंग कार्यक्रम और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थियों को शैक्षणिक मार्गदर्शन के साथ-साथ मानसिक रूप से भी सशक्त बनाया जा सके। बैठक के दौरान पुस्तकालय से संबंधित एक लघु वीडियो और पावर प्वाइंट प्रस्तुति के माध्यम से उपलब्ध संसाधनों, गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई।इस बैठक में सतेन्द्र कुमार, विजय कुमार, जिला सूचना अधिकारी, बाबू सिंह, प्राचार्य डायट विश्वदीपक त्रिपाठी, उषा अग्रवाल, विपिन त्यागी, डॉ राजीव कुमार, डॉ के पी सिंह, सुभाष चंद, मनोज राजपूत और आशीष द्विवेदी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने पुस्तकालय को आधुनिक, सुव्यवस्थित और छात्रहितैषी बनाने के लिए अपने-अपने सुझाव रखे। बैठक का उद्देश्य स्पष्ट रूप से जिला पुस्तकालय को ज्ञान, मार्गदर्शन और सकारात्मक वातावरण का सशक्त केंद्र बनाना रहा।
















