मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र में राष्ट्रीय जाट महासभा भारत की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा का भव्य कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी सचिन सरोहा ने विशेष रूप से शिरकत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जाट समाज के लोग, संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। मंच से संगठन की नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें कई लोगों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गईं।
प्रेस को संबोधित करते हुए चौधरी सचिन सरोहा ने कहा कि वर्तमान समय में जाट समाज सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय सेवाओं में जाट आरक्षण समाज की एक बड़ी आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान सरकार की कमजोर पैरवी के चलते यह मामला अदालत में निरस्त हो गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय जाट महासभा भारत इस मुद्दे को फिर से मजबूती के साथ उठाएगी।चौधरी सचिन सरोहा ने बताया कि संगठन के पदाधिकारी जाट समाज के सांसदों और विधायकों से मुलाकात कर इस मांग को संसद और विधानसभाओं में उठाने के लिए दबाव बनाएंगे। उनका कहना था कि जब तक जाट समाज को उसका हक नहीं मिलेगा, तब तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गजेंद्र सिंह नीलकंठ ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने 25 जनवरी को जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान सजा काट रहे हरियाणा के युवाओं के साथ हो रहे अमानवीय व्यवहार के विरोध में रोहतक पहुंचने का आह्वान किया। उन्होंने सभी साथियों से भारी संख्या में शामिल होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की।कार्यक्रम के दौरान संगठन की एकजुटता और भविष्य की रणनीति पर भी चर्चा की गई। अंत में कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ और समाज को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का संदेश दिया गया।
















