मुजफ्फरनगर। दुधारू पशुओं को खुरपका-मुंहपका जैसी गंभीर और संक्रामक बीमारी से सुरक्षित रखने के लिए भारत सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रयासों के तहत जनपद में व्यापक टीकाकरण अभियान शुरू किया जा रहा है। इस क्रम में लाइव स्टॉक हेल्थ एंड डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम (LHDCP) के अंतर्गत खुरपका-मुंहपका रोग उन्मूलन अभियान के सातवें चरण की शुरुआत 22 जनवरी से होगी, जो 10 मार्च तक चलेगा। इस दौरान जनपद के लगभग 6 लाख दुधारू पशुओं का निःशुल्क टीकाकरण किया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि सर्दी और मौसम में बदलाव के समय खुरपका-मुंहपका रोग का खतरा काफी बढ़ जाता है। यह बीमारी विशेष रूप से गोवंश और भैंसवंशी पशुओं को प्रभावित करती है। रोग की चपेट में आने से पशुओं के मुंह और खुरों में घाव हो जाते हैं, चलने-फिरने में कठिनाई होती है, दुग्ध उत्पादन में भारी गिरावट आती है और गंभीर स्थिति में पशु की मृत्यु भी हो सकती है। ऐसे में समय पर टीकाकरण ही इस रोग से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।
डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य प्रदेश को खुरपका-मुंहपका रोग से मुक्त करना है। इसी उद्देश्य के तहत यह सातवां चरण संचालित किया जा रहा है। अभियान के दौरान पशु चिकित्सा विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर दुधारू पशुओं का टीकाकरण करेंगी, ताकि कोई भी पशु इस सुविधा से वंचित न रह जाए। टीकाकरण पूरी तरह निःशुल्क होगा और इसके लिए विभाग ने व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
उन्होंने पशुपालकों से अपील की कि वे अपने नजदीकी पशु चिकित्सालय या पशु सेवा केंद्र से लगातार संपर्क में रहें। प्रत्येक गांव में तैनात टीकाकरण कर्मियों का नाम, मोबाइल नंबर और टीकाकरण की तिथि की जानकारी पहले ही प्राप्त कर लें। यदि किसी कारणवश किसी पशु का टीकाकरण छूट जाता है, तो तुरंत संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी को सूचित करें, ताकि दोबारा टीकाकरण कराया जा सके।
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि खुरपका-मुंहपका रोग से बचाव केवल सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। सभी पशुपालकों का सहयोग इस अभियान को सफल बनाएगा। यह टीकाकरण अभियान न सिर्फ पशुओं के स्वास्थ्य की रक्षा करेगा, बल्कि किसानों की आजीविका और आर्थिक सुरक्षा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा।















