मुंबई नगर निगम (BMC) चुनावों को लेकर महायुति ने अपना संयुक्त घोषणापत्र जारी कर दिया है। इस गठबंधन में भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) शामिल हैं। घोषणापत्र में मुंबई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, नागरिक सुविधाओं में सुधार और शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर का महानगर बनाने का वादा किया गया है। महायुति का कहना है कि अगर उन्हें जनादेश मिला तो मुंबई को रहने, काम करने और निवेश के लिहाज से दुनिया के प्रमुख शहरों की कतार में खड़ा किया जाएगा।
घोषणापत्र में सबसे ज्यादा जोर परिवहन व्यवस्था के सुधार पर दिया गया है। इसमें लोकल ट्रेन नेटवर्क को और सुदृढ़ करने, मेट्रो परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने, बस सेवाओं की संख्या बढ़ाने और ट्रैफिक जाम से निजात के लिए स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की बात कही गई है। साथ ही, पैदल यात्रियों और साइकिल चालकों के लिए सुरक्षित फुटपाथ और अलग लेन बनाने का भी वादा किया गया है।महिलाओं की सुरक्षा घोषणापत्र का एक अहम हिस्सा है। महायुति ने सार्वजनिक स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने, स्ट्रीट लाइटिंग को बेहतर करने और महिला सुरक्षा से जुड़े हेल्पलाइन सिस्टम को और प्रभावी बनाने की बात कही है। इसके अलावा, कामकाजी महिलाओं के लिए सुरक्षित परिवहन और सार्वजनिक शौचालयों की संख्या बढ़ाने जैसे कदम भी शामिल किए गए हैं।घोषणापत्र में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। कचरा प्रबंधन को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, कचरे के पृथक्करण को अनिवार्य बनाने और समुद्र तटों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाने की योजना बताई गई है। साथ ही, हरित क्षेत्र बढ़ाने, नए उद्यान विकसित करने और प्रदूषण नियंत्रण के लिए सख्त कदम उठाने का दावा किया गया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़े वादे किए गए हैं। नगर निगम के अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता और गरीब तबके के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने की बात कही गई है। शिक्षा के क्षेत्र में नगर निगम स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों के लिए स्कॉलरशिप योजनाओं को मजबूत करने का आश्वासन दिया गया है।महायुति नेताओं का कहना है कि यह घोषणापत्र केवल वादों का दस्तावेज नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य का रोडमैप है। उनका दावा है कि गठबंधन की सरकार बनने पर इन योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा, ताकि मुंबई सचमुच एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर बन सके।
















