मुज़फ्फरनगर। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से निर्माणाधीन स्वास्थ्य संस्थानों का मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न परियोजनाओं में हो रहे निर्माण कार्य की प्रगति, भवन की संरचना, डिज़ाइन और उपयोग में लाई जा रही निर्माण सामग्री की गहनता से जांच की। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि सभी कार्य निर्धारित मानकों और तय समय-सीमा के अनुरूप पूरे हों, ताकि आम जनता को भविष्य में बेहतर और सुचारु स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने निर्माणाधीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रोहाना, शेरनगर स्थित ड्रग वेयरहाउस तथा जानसठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बन रही 100 बेड की क्रिटिकल केयर विंग का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने भवन की नींव, दीवारों, छत, विद्युत व्यवस्था, जल निकासी, सुरक्षा प्रबंध और अन्य तकनीकी पहलुओं का अवलोकन किया। साथ ही उन्होंने यह भी देखा कि निर्माण में प्रयुक्त सामग्री गुणवत्ता मानकों पर खरी उतर रही है या नहीं।डॉ. सुनील तेवतिया ने मौके पर मौजूद संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों के भवनों की गुणवत्ता सीधे तौर पर मरीजों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी होती है, इसलिए निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री का ही उपयोग किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन किया जाए, ताकि निर्माण के दौरान और बाद में किसी प्रकार की दुर्घटना या समस्या उत्पन्न न हो।निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने यह भी कहा कि सभी निर्माण कार्य स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों और सरकारी मानकों के अनुरूप किए जाने चाहिए। उन्होंने कार्यदायी संस्था को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि परियोजनाएं निर्धारित समय-सीमा में पूरी हों, जिससे इन स्वास्थ्य इकाइयों को जल्द से जल्द जनता के लिए उपयोग में लाया जा सके। विशेष रूप से क्रिटिकल केयर 100 बेडेड विंग के निर्माण को समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया, ताकि गंभीर मरीजों को जिले में ही बेहतर उपचार मिल सके।
डॉ. तेवतिया ने अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समय-समय पर तकनीकी जांच और निरीक्षण से ही निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकती है। यदि किसी स्तर पर कोई कमी या तकनीकी खामी पाई जाती है तो उसका तत्काल सुधार कराया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य को तेजी और पारदर्शिता के साथ पूरा कराने पर भी बल दिया।अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता है और इन निर्माणाधीन परियोजनाओं के पूर्ण होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि निर्धारित मानकों और समय-सीमा के अनुसार कार्य पूरा कराकर मुज़फ्फरनगर को स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई मजबूती दी जाएगी।
















