पैलानी/बांदा। पैलानी थाना क्षेत्र के पचकौरी गांव में 5 जनवरी की रात को राजेंद्र पुत्र छोटका निवासी धनूवन डेरा ललौली थाना फतेहपुर का निवासी था। वह अपनी ससुराल पचकौरी रात को बोट के माध्यम से यमुना नदी पार करके नदी के किनारे किनारे एक किलोमीटर दूरी 11 बजे घर पर आया। जिसमें राजेंद्र की पत्नी शारदा व नाना रामफल नानी शांति छप्पर के नीचे मां शारद कार्तिक को लेकर सोई हुई तभी राजेंद्र 11 बजे चुपके से आया और बच्चे को उठाकर ले गया जैसे ही उसकी मां को जानकारी हुई उसने हल्ला मचाया कोहरे के कारण वह नदी के किनारे किनारे पिता पुत्र को लेकर नाव के माध्यम से ले गया और गर्दन दबाकर उसकी बीच नदी यमुना में फेंक दिया परिजनों ने बहुत ढूंढने का प्रयास किया लेकिन पिता व बच्चा दोनों नहीं मिले उसके मामा दिलीप ने बताया 2 दिन तक हम बहुत ढूंढने का प्रयास किया लेकिन नहीं मिलने पर हमने पुलिस को मामा दिलीप ने सूचना दी पुलिस द्वारा लापरवाही बढ़ती गई और उसने फोन के माध्यम से जानकारी लेती रही कि बच्चा मिला कि नहीं मिला फिर उसके मामा दिलीप ,हिमांशु ,संदीप, सहदेव, गोविंद आदि लोग वह धनूवन डेरा गए जहां पर परिजनों को देखने के साथ ही आरोपी भागने लगा फिर वह उरई पतवार के जंगल में घुसकर बैठ गया उसके मामा ने ढूंढते ढूंढते पकड़ लिया और उसको बोट के माध्यम से उसको घर लेकर आए और पुलिस को सूचना दी पुलिस को सुपुर्द कर दिया मामा दिलीप ने बताया आरोपी घटना करने के बाद रात भर वह बोट पर ही नदी पर सोता रहा है वही आज पुलिस ने पहुंच कर स्थानीय गोताखोर शिव शंकर, दिलीप ,जय सुख ,विनोद के माध्यम से ढूंढने का प्रयास किया लेकिन नहीं मिला पुलिस ने आरोपी की बोट कब्जे में ले लिया है मामा दिलीप ने बताया कि मेरी बहन शारदा की शादी 5 वर्ष पहले हुई थी जिसके दो बच्ची रानी, व शिवानी व एक लड़का हुआ था इलाज के अभाव में पैसा न होने पर दो बच्चियों खत्म हो गई आरोपी नशेड़ी व कुछ करने के ना कारण 2 वर्ष से मेरी बहन अपने पिता के पास रह रही है उसके साथ मारपीट भोजन नहीं देते थे जिसके चलते हम लोग घर लिवा लाए थे वही इस घटना को अंजाम दे दिया है वहीं मां शारदा ने बताया कि मेरा एक ही लड़का बचा था जिसको निर्मल हत्या कर द वहीं पुलिस ने मौके में पहुंचकर जाल 10 मिनट के लिए खानापूर्ति के लिऐ जाल डलवाया था लेकिन तेज बहाव होने के कारण नहीं मिला मौके पर आरोपी को भी ले गई थी मामा दिलीप ने आरोप लगाया अगर पुलिस तेजी दिखाई होती तो इतनी देर नहीं होती और पुलिस की लापरवाही के चलते इतनी देरी हुई है।
















