मुजफ्फरनगर। शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से नगर पालिका परिषद द्वारा कराए जा रहे नाला निर्माण कार्यों की सख्त निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में सोमवार को नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप एवं अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने वार्ड-14 स्थित अलमासपुर चौक से कूकड़ा चौक तक निर्माणाधीन नाले का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और मानकों का गहन परीक्षण करते हुए स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानक के विपरीत सामग्री का उपयोग किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष ने निर्माणाधीन नाले में प्रयुक्त की जा रही सरिया, सीमेंट और अन्य निर्माण सामग्री की बारीकी से जांच की। उन्होंने मौके पर मौजूद इंजीनियरों को निर्देश दिए कि नाले की मजबूती, ढलान, जल निकासी क्षमता और सुरक्षा मानकों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाए, ताकि बारिश के मौसम में क्षेत्रवासियों को जलभराव की समस्या से राहत मिल सके।
उन्होंने कहा कि यह नाला केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि शहरवासियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़ा हुआ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, इसलिए इसमें किसी भी तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने निर्माण कार्य से जुड़े अधिकारियों और ठेकेदार को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जनता के हितों के लिए हो रहे विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सर्वोपरि है। यदि निरीक्षण या शिकायत के दौरान कहीं भी घटिया सामग्री या लापरवाही पाई गई, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और किसी भी तकनीकी या स्थानीय समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित किया जाए।निरीक्षण के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष ने स्थानीय नागरिकों से भी संवाद किया और उनसे निर्माण कार्य को लेकर उनकी राय और समस्याएं जानीं। क्षेत्रवासियों ने लंबे समय से जलभराव की समस्या से परेशान होने की बात कही और उम्मीद जताई कि नाला निर्माण पूरा होने के बाद उन्हें इससे राहत मिलेगी।
कई लोगों ने सड़क, सफाई और जल निकासी से जुड़ी अन्य समस्याएं भी रखीं, जिन पर अध्यक्ष ने शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया।अधिशासी अधिकारी डॉ. प्रज्ञा सिंह ने जानकारी दी कि यह नाला 15वें वित्त आयोग की निधि से लगभग 85 लाख रुपये की लागत से बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पालिकाध्यक्ष द्वारा दिए गए सभी दिशा–निर्देशों का अक्षरशः पालन कराया जाएगा और नाला निर्माण कार्य को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान वार्ड-14 के सभासदपति राहुल पंवार, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अजय प्रताप शाही, सहायक अभियंता निर्माण नैपाल सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी एवं ठेकेदार भी उपस्थित रहे।

















