राजगढ़ (अलवर)। जिला कलक्टर आर्तिका शुक्ला ने पिनान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, चिकित्सा सेवाओं और विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। इस दौरान मौजूद चिकित्सकों और स्टाफ से जानकारी लेकर यह परखा गया कि योजनाओं का क्रियान्वयन प्रभावी ढंग से हो रहा है या नहीं।जिला कलक्टर ने अस्पताल के भर्ती वार्ड, ओपीडी, जांच केंद्र, डिलीवरी रूम, शौचालयों की स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था और मिनी जिम जैसी सुविधाओं का अवलोकन किया। उन्होंने साफ-सफाई और मरीजों की सुविधाओं को लेकर आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए, ताकि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
इसके बाद जिला कलक्टर ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर लगातार हो रहे हादसों को ध्यान में रखते हुए पिनान में प्रस्तावित ट्रामा सेंटर स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर केवल एक दीवार खड़ी होने और निर्माण कार्य ठप पड़े होने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। ठेकेदार और संबंधित एक्सीएन के मौके पर उपस्थित नहीं होने से उनका रोष और बढ़ गया। उन्होंने सीएमएचओ से स्पष्ट शब्दों में सवाल किया कि नौ महीने पहले टेंडर जारी होने के बावजूद अब तक निर्माण कार्य शुरू क्यों नहीं हुआ और जनता को क्यों भ्रमित किया जा रहा है।जिला कलक्टर ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि ट्रामा सेंटर का निर्माण कार्य गुरुवार से हर हाल में शुरू होना चाहिए। साथ ही उन्होंने निर्माण की प्रगति से संबंधित फोटो और वीडियो नियमित रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए, ताकि कार्य की निगरानी की जा सके।
निरीक्षण के दौरान रैणी एसडीएम हरकेश मीणा, तहसीलदार कैलाश मेहरा, जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी योगेंद्र शर्मा, डॉ. मनोज मीणा, डॉ. संजय द्विवेदी सहित अस्पताल का स्टाफ मौजूद रहा। अधिकारियों को निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई।गौरतलब है कि जनवरी माह में पिनान में ट्रामा सेंटर को प्रस्तावित किया गया था, जिसके लिए कुल चार करोड़ 95 लाख रुपए की स्वीकृति दी गई थी। इसमें दो करोड़ 20 लाख रुपए निर्माण कार्य, एक करोड़ 25 लाख रुपए उपकरणों और एक करोड़ 50 लाख रुपए मानव संसाधन पर खर्च किए जाने थे। हालांकि ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा क्षेत्र में पानी भरे होने का हवाला दिया जाता रहा, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी धरातल पर केवल एक दीवार ही नजर आ रही है। जिला कलक्टर की सख्ती के बाद अब स्थानीय लोगों को निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद जगी है।
















