मुजफ्फरनगर। मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन के शासनादेश संख्या-43/2024/648/12-5099/
जिन ग्रामों में गाटों की संख्या अधिक है, वहां आवश्यकता के अनुसार दो सर्वेयर तैनात किए जाएंगे, ताकि कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।मुख्य विकास अधिकारी ने सभी उप जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य की प्रतिदिन समीक्षा करेंगे और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि कार्य में लापरवाही या शिथिलता किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी सर्वेयरों को डिजिटल क्रॉप सर्वे के लिए 5 रुपये प्रति गाटा की दर से भुगतान किया जाएगा। जिन विभागों के पास विभागीय कर्मचारियों की संख्या कम है, उन्हें निजी सर्वेयरों के चयन की अनुमति दी गई है। इसके अंतर्गत ऐसे बेरोजगार युवाओं को सर्वेयर के रूप में चयनित किया जा सकता है, जो एंड्रॉयड फोन का उपयोग करना जानते हों और डिजिटल कार्य में दक्ष हों। निजी सर्वेयरों को भी समान रूप से 5 रुपये प्रति गाटा के हिसाब से भुगतान किया जाएगा।इसके साथ ही सभी उपस्थित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि प्रत्येक सर्वेयर प्रतिदिन कम से कम 100 गाटों का सर्वे अवश्य पूरा करे, जिससे निर्धारित समय सीमा के भीतर डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री का कार्य पूर्ण किया जा सके।बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गजेंद्र कुमार, उपनिदेशक कृषि सहित विभिन्न विभागों के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने एग्रीस्टैक योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और किसानों को अधिकतम लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

















