मुजफ्फरनगर। मकर संक्रांति के पावन पर्व पर नगर, जनपद और देशवासियों के बीच आपसी प्रेम, सौहार्द और बंधुत्व की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन द्वारा एक सराहनीय सामाजिक पहल की गई। प्रांतीय प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने स्थानीय शिव चौक परिसर में खड़े होकर लगभग दो कुंतल खिचड़ी तहरी का वितरण जनमानस के बीच किया। इस आयोजन के माध्यम से संगठन ने मिलजुल कर रहने और सभी पर्वों को सामूहिक रूप से मनाने की सनातन परंपरा का निर्वाह किया।
इस खिचड़ी वितरण कार्यक्रम में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि के रूप में अशोक कंसल, पूर्व विधायक मीनाक्षी स्वरूप, नगर पालिका अध्यक्ष गौरव स्वरूप मौजूद रहे। अतिथियों ने मकर संक्रांति जैसे पर्वों के सामाजिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी समरसता, भाईचारे और सहयोग की भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भारतीय त्योहारों और सांस्कृतिक परंपराओं को नई ऊर्जा देने की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें अपने सभी पर्व इसी प्रकार उत्साह, एकता और सेवा भावना के साथ मनाने चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने खिचड़ी तहरी ग्रहण की और आयोजन की सराहना की। शिव चौक परिसर में पूरे आयोजन के दौरान उत्सव जैसा माहौल रहा। संगठन के पदाधिकारियों ने स्वयं वितरण व्यवस्था संभालते हुए यह संदेश दिया कि समाज सेवा केवल मंच से नहीं, बल्कि जमीन पर उतरकर की जाती है।इस अवसर पर भीम कंसल, कृष्ण अग्रवाल, संयोजक विनोद संगल, जिला अध्यक्ष अंकुर गर्ग, जिला महामंत्री टोनी बिंदल, कोषाध्यक्ष पीयूष अग्रवाल, दीपक सिंघल, अजय अग्रवाल एडवोकेट, अजय सिंघल, अमरीश गोयल, अरुण गोयल, अशोक सिंघल, बीएम गुप्ता, विजेंद्र गोयल, एल के मित्तल, ललित अग्रवाल, मुकुट गुप्ता, पीके गुप्ता, प्रमोद बंसल, राजीव अग्रवाल, आर के गोयल, शशि राज गुप्ता, सुभाष गुप्ता, सुमित गर्ग, सुनील गर्ग, प्रवीण कुचल, गिरिराज महेश्वरी, दिनेश बंसल, शिव कुमार संगल, विशाल गर्ग, अनिल तायल, ममता अग्रवाल (प्रदेश अध्यक्ष महिला इकाई), शिशुकांत गर्ग, अमित गर्ग, पुष्पेंद्र अग्रवाल, कुलदीप अग्रवाल, अवनीश मोहन तायल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजन ने सामाजिक एकता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त संदेश दिया।
















