मुजफ्फरनगर जनपद में स्वरोजगार को बढ़ावा देने और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से एक जनपद एक उत्पाद टूल किट प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यह कार्यक्रम 09 जनवरी 2026 को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ वीरपाल निर्वाल की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थियों ने सहभागिता की।
उद्घाटन अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष ने प्रशिक्षणार्थियों से सीधा संवाद स्थापित करते हुए योजना की उपयोगिता और महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि एक जनपद एक उत्पाद योजना न केवल स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि इससे जनपद की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने सभी प्रशिक्षणार्थियों से अपील की कि वे पूरे मनोयोग, अनुशासन और लगन के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करें ताकि भविष्य में इसका अधिकतम लाभ लिया जा सके।
कार्यक्रम में सहायक आयुक्त उद्योग आशीष कुमार ने उपस्थित सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस दस दिवसीय प्रशिक्षण में तकनीकी ज्ञान, आधुनिक उपकरणों के उपयोग, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने, विपणन और स्वरोजगार से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। प्रशिक्षण के उपरांत प्रतिभागियों को टूल किट उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे अपने कार्य को व्यावहारिक रूप से आगे बढ़ा सकें।
इस अवसर पर यूपीकोन के प्रशिक्षण समन्वयक सतेंद्र भराला ने प्रशिक्षण की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षणार्थियों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। प्रगतिशील किसान अरविंद मलिक ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण से ग्रामीण स्तर पर भी सफल उद्यम स्थापित किए जा सकते हैं। कार्यक्रम में प्रशिक्षकों की उपस्थिति भी रही, जिन्होंने आगामी सत्रों की जानकारी दी।
कार्यक्रम का उद्देश्य जनपद के युवाओं, कारीगरों और उद्यमियों को कौशल प्रशिक्षण देकर उन्हें स्वरोजगार के लिए सक्षम बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य में अपना योगदान दे सकें।
















