महाराष्ट्र में मुंबई समेत राज्य की 29 नगर निगमों के चुनाव के लिए मतदान होगा। इस बार चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया में ईवीएम के साथ प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट (PADU) के इस्तेमाल का फैसला किया है, जिसे लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग के इस निर्णय पर पारदर्शिता और सूचना के अभाव का आरोप लगाया है।महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के प्रमुख राज ठाकरे ने विशेष रूप से मुंबई नगर निगम चुनाव में PADU के उपयोग की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस नई मशीन के बारे में किसी भी राजनीतिक पार्टी को पहले से कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई, जिससे संदेह पैदा होना स्वाभाविक है। राज ठाकरे ने सवाल उठाया कि जब पहले से स्थापित प्रणाली मौजूद है, तो चुनाव से ठीक पहले नई तकनीक लाने की क्या आवश्यकता थी।
‘PADU’ मशीन क्या है?
चुनाव आयोग के अनुसार यह नई PADU मशीन EVM से जोड़ी जाएगी. PADU का पूरा नाम है डिप्लॉय प्रिंटिंग ऑक्सिलरी डिस्प्ले यूनिट है. PADU मशीन एक अतिरिक्त छोटा उपकरण है, जिसे EVM से जोड़ा जाएगा. इस सिस्टम से कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को जोड़ने के आदेश जारी किए गए हैं. मुंबई नगर आयुक्त भूषण गगरानी ने बताया कि अगर कंट्रोल यूनिट का डिस्प्ले अचानक बंद हो जाता है, तो PADU मशीन काम आएगी.
VVPAT से अलग है PADU
मतदान प्रक्रिया के दौरान बड़ी स्क्रीन पर जानकारी प्रदर्शित करने के लिए ‘PADU’ मशीन का उपयोग किया जाएगा. लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि ‘PADU’ मशीन से वीवीपीएटी की तरह कागज की रसीद नहीं निकलेगी. गगरानी ने बताया कि ‘PADU’ एक नियंत्रण इकाई भी है. यह मशीन मुख्य रूप से एक सहायक डिस्प्ले डिवाइस है, जिसका उपयोग मतदान प्रक्रिया को आसान और अधिक दृश्यमान बनाने के लिए किया जा सकता है.
मुंबई को 140 ‘PADU’ मशीनें भेजी गईं
उन्होंने कहा कि यह एक बैकअप मशीन है. इस मशीन का निर्माण बीएचईएल ने किया है. कंपनी ने मुंबई नगर निगम चुनावों के लिए 140 ‘PADU’ यूनिट भेजी हैं. यह मशीन मतदान केंद्र पर रहेगी. ईवीएम की तरह यह मशीन भी वहां मौजूद रहेगी.
उन्होंने कहा किइस मशीन की ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन ‘PADU’ मशीनों को बैकअप विकल्प के रूप में उपलब्ध कराया गया है. गगरानी ने बताया कि आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होने पर इसका उपयोग सबसे पहले किया जाएगा. इसके लिए 140 ‘PADU’ यूनिट मंगाई गई हैं. इनके उपयोग की संभावना है.
राज ठाकरे ने चुनाव आयोग के फैसले पर उठाए सवाल
महाराष्ट्र में नगर निगम चुनावों के मद्देनजर, एमएनएस प्रमुख राज ठाकरे ने चुनाव आयोग के एक नए फैसले की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने चुनाव प्रचार अवधि समाप्त होने के बाद भी उम्मीदवारों को मतदान के दिन तक घर-घर जाकर प्रचार करने की अनुमति देने वाले नियम को लेकर सरकार और आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं.
राज ठाकरे ने सवाल किया कि इस चुनाव के लिए यह नियम क्यों है? यह मुद्दा विधानसभा या लोकसभा में क्यों नहीं उठा? पुराने नियम को वापस लाने की क्या जरूरत महसूस हुई? ईवीएम भी पुरानी हैं. ईवीएम पुरानी होने के कारण नई मशीनें लगाई जा रही हैं. ये नई मशीनें क्या हैं. लोगों को नहीं पता. हमें भी नहीं पता. लोगों को देखना चाहिए कि किस तरह की राजनीति चल रही है.
उन्होंने सवाल किया कि ये किस तरह की मशीन है? ये कैसी दिखती है? इससे क्या होता है? एक ईवीएम मशीन है जिसमें राजनीतिक लोगों को बूथ पर बुलाया जाता है और बटन दबाने को कहा जाता है. वे दिखाते हैं कि यह सही है या नहीं. अब एक नई मशीन आ गई है. वे इसे राजनीतिक दलों को दिखाना नहीं चाहते थे. इतनी अफरा-तफरी मची हुई है. ये किस तरह का चुनाव है? आखिर चल क्या रहा है?
















