बलात्कार के मामले में 20 साल की सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। सोमवार को उसे 40 दिन की पैरोल दी गई, जिसके बाद वह रोहतक स्थित सुनारिया जेल से रिहा हुआ। जेल से बाहर निकलते ही राम रहीम भारी सुरक्षा व्यवस्था और सफेद रंग की गाड़ियों के लंबे काफिले के साथ सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के लिए रवाना हो गया। इस दौरान पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
राम रहीम को मिली यह पैरोल अस्थायी है, जिसके तहत वह सीमित अवधि के लिए जेल से बाहर रहेगा। बताया जा रहा है कि पैरोल के दौरान वह अपने डेरे में रहकर धार्मिक गतिविधियों में हिस्सा ले सकेगा और अपने समर्थकों से मुलाकात करेगा। प्रशासन की ओर से उसे कुछ शर्तों के साथ पैरोल दी गई है, जिनका पालन करना उसके लिए अनिवार्य होगा। नियमों के अनुसार वह किसी भी राजनीतिक गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकेगा और सार्वजनिक सभाओं के आयोजन पर भी पाबंदी रहेगी।
गौरतलब है कि गुरमीत राम रहीम सिंह को वर्ष 2017 में साध्वी से बलात्कार के मामले में दोषी ठहराया गया था, जिसके बाद उसे 20 साल की सजा सुनाई गई थी। इसके अलावा वह पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में भी उम्रकैद की सजा काट रहा है। इसके बावजूद बीते कुछ वर्षों में उसे कई बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है, जिसको लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में लगातार सवाल उठते रहे हैं।
हर बार की तरह इस बार भी राम रहीम की रिहाई की खबर सामने आते ही चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। विपक्षी दलों ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बार-बार पैरोल दिए जाने से न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े होते हैं। वहीं, डेरा सच्चा सौदा से जुड़े अनुयायियों में राम रहीम की पैरोल को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सिरसा डेरे में पहले से ही सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस बल की तैनाती की गई है।
प्रशासन का कहना है कि कानून के तहत नियमों का पालन करते हुए ही पैरोल दी गई है और किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति से सख्ती से निपटा जाएगा। 40 दिन पूरे होने के बाद राम रहीम को दोबारा जेल लौटना होगा। फिलहाल उसकी रिहाई और सिरसा डेरे की ओर रवाना होने की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं।
















