मुजफ्फरनगर। स्वामी विवेकानंद की जयंती एवं राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर जनपद मुजफ्फरनगर में स्वदेशी जागरण मंच एवं स्वावलंबी भारत अभियान के तत्वाधान में भव्य स्वदेशी संकल्प दौड़ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डा. वीरपाल निर्वाल ने राज्य सरकार में कौशल विकास मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल के साथ कार्यक्रम में सहभागिता की और युवाओं को आत्मनिर्भर भारत के निर्माण का संकल्प दिलाया।
कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वदेशी सोच, आत्मनिर्भरता और राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। स्वदेशी संकल्प दौड़ में बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने भाग लिया। दौड़ के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि देश की तरक्की युवाओं की ऊर्जा, कौशल और स्वदेशी दृष्टिकोण से ही संभव है।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता राखी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य प्रमोद त्यागी रहे। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों को युवाओं के सामने रखते हुए कहा कि युवा शक्ति यदि सही दिशा में आगे बढ़े तो भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने स्वदेशी उत्पादों को अपनाने, कौशल विकास पर ध्यान देने और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में अविनाश त्यागी, जिला संयोजक स्वदेशी जागरण मंच, का विशेष योगदान रहा। वहीं जिला क्रीड़ा अधिकारी भूपेंद्र सिंह यादव एवं सह क्रीड़ा अधिकारी पूनम विश्नोई ने आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सभी अतिथियों ने आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना करते हुए युवाओं से इस प्रकार के अभियानों से जुड़ने की अपील की।
स्वदेशी संकल्प दौड़ के उपरांत विकास भवन के सभागार में विकसित भारत: गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) विषय पर प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल के साथ डा. सुधीर सैनी, संदीप मलिक एवं मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता में ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, स्वरोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ाने को लेकर सरकार की योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब ग्रामीण भारत मजबूत होगा और युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर मिलेंगे। इसके लिए कौशल विकास, स्वदेशी उद्यम और सरकारी योजनाओं की पहुंच को हर गांव तक सुनिश्चित करना आवश्यक है।

















