मुजफ्फरनगर जनपद के बुढ़ाना क्षेत्र के गांव रसूलपुर दभेड़ी में अवैध रूप से संचालित दूध की डेयरियों ने ग्रामीणों का जीना दूभर कर दिया है। गांव में करीब एक सौ छोटी-बड़ी अवैध डेयरियां संचालित हो रही हैं, जिनमें हजारों की संख्या में पशु बंधे हुए हैं। इन डेयरियों से निकलने वाला गोबर और पेशाब दिन में कई बार सबमर्सिबल पंप के जरिए सीधे गांव की नालियों में बहा दिया जाता है, जिससे नालियां पूरी तरह चोक हो चुकी हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिदिन इतना अधिक गोबर जमा हो जाता है कि गांव की गलियां पूरी तरह से बंद हो जाती हैं। पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है और आने-जाने वाले लोगों को पूरे दिन भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालात इतने खराब हैं कि दुर्गंध से वातावरण दूषित हो चुका है और बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पशुओं के गोबर-पेशाब से खेतों की जमीन और उनमें खड़ी फसलें भी खराब हो रही हैं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रविवार को दूसरे दिन भी सैकड़ों ग्रामीणों ने गंदगी के ढेरों के पास खड़े होकर डेयरी संचालकों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में गांव का रास्ता बंद कर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे डेयरी संचालकों को नालियों में गोबर बहाने से रोकते हैं तो उन्हें गांव छोड़कर कहीं और मकान लेने की धमकी दी जाती है।
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि डेयरियों के पास कोई वैध लाइसेंस नहीं है और सभी डेयरियां अवैध रूप से संचालित हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि पुलिस चौकी स्तर पर मिलीभगत के चलते कार्रवाई नहीं हो पा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है, ताकि गांव को इस गंभीर समस्या से निजात मिल सके।
















