राजगढ़ (अलवर) थाना पुलिस ने फायरिंग कर लूट की वारदात को अंजाम देने वाले तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध पिस्टल, लूट की गई नकदी में से तीन हजार रुपये तथा वारदात में प्रयुक्त कार को भी बरामद किया है। यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलवर डॉ. प्रियंका और राजगढ़ डीएसपी मनीषा मीना के मार्गदर्शन में कोतवाल राजेश कुमार मीना के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम द्वारा की गई।पुलिस के अनुसार, राजगढ़ थाना क्षेत्र में फायरिंग कर लूट की सूचना मिलने के बाद मामला दर्ज कर त्वरित जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों की सूचना और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नरेश पुत्र बनेसिंह निवासी लीली थाना मालाखेड़ा, अमन पुत्र सियाराम मीना निवासी बड़ागांव नैथला थाना मालाखेड़ा तथा चेतन पुत्र सतीश निवासी खड़ोल्या मोहल्ला थाना राजगढ़ के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने फायरिंग कर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से लूट की गई राशि में से तीन हजार रुपये बरामद किए हैं।
इसके साथ ही पुलिस ने आरोपियों से एक अवैध फायर आर्म्स पिस्टल जब्त की है, जिसका उपयोग वारदात के दौरान किया गया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार को भी जब्त कर लिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और क्षेत्र में दहशत फैलाने के इरादे से इस तरह की वारदातों को अंजाम देते थे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्होंने इससे पहले और किन-किन वारदातों को अंजाम दिया है तथा उनके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि जिले में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आमजन से भी अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते अपराध पर अंकुश लगाया जा सके।
















