मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के युवाओं के हित में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक फैसला लेते हुए UP Police सीधी भर्ती–2025 के अंतर्गत आयु सीमा में 3 वर्ष की शिथिलीकरण देने की घोषणा की है। इस निर्णय के तहत कुल 32,679 पदों पर होने वाली आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष भर्तियों में सभी वर्गों के अभ्यर्थियों को अधिकतम आयु सीमा में अतिरिक्त छूट मिलेगी। सरकार के इस फैसले से उन लाखों युवाओं को राहत मिली है जो लंबे समय से पुलिस भर्ती का इंतजार कर रहे थे और आयु सीमा के कारण अवसर से वंचित होने की आशंका झेल रहे थे।यह निर्णय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल के निरंतर प्रयासों और मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र का प्रतिफल माना जा रहा है। मंत्री ने अपने पत्र में पुलिस भर्ती में बीते वर्षों से हो रही देरी, कोविड-19 महामारी के दौरान भर्ती प्रक्रियाओं के ठप पड़ने और इसके चलते बड़ी संख्या में योग्य अभ्यर्थियों के आयु सीमा पार कर जाने की गंभीर समस्या को विस्तार से रखा था। उन्होंने स्पष्ट रूप से यह बताया था कि प्रशासनिक कारणों से हुई देरी का खामियाजा मेहनती युवाओं को भुगतना पड़ रहा है।मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने यह भी मांग की थी कि आरक्षी पीएसी, जेल वार्डर और अन्य समकक्ष पदों पर होने वाली भर्तियों में विशेष आयु छूट दी जाए, ताकि योग्य उम्मीदवार केवल उम्र की बाधा के कारण बाहर न हो जाएं। उनका तर्क था कि प्रदेश के युवा पुलिस सेवा के माध्यम से समाज और राज्य की सेवा करना चाहते हैं, लेकिन समय पर भर्तियां न होने से उनका भविष्य अधर में लटक जाता है। इस मुद्दे को मुख्यमंत्री ने गंभीरता से लिया और व्यापक जनहित को ध्यान में रखते हुए आयु सीमा में 3 साल की छूट को मंजूरी दी।सरकार के इस फैसले को युवाओं के प्रति संवेदनशील और दूरदर्शी कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल पुलिस भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित होगा, बल्कि उन अभ्यर्थियों का मनोबल भी बढ़ेगा जिन्होंने वर्षों तक तैयारी की है।
बड़ी संख्या में युवा अब नए उत्साह के साथ भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे और पुलिस बल को योग्य, प्रशिक्षित और अनुभवी उम्मीदवार मिलेंगे।प्रदेश सरकार का मानना है कि मजबूत पुलिस व्यवस्था के लिए योग्य मानव संसाधन का होना बेहद जरूरी है। आयु सीमा में छूट देकर सरकार ने यह संदेश दिया है कि वह केवल नियमों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीनी हकीकत को समझते हुए फैसले लेने में विश्वास रखती है। इस निर्णय से प्रदेश के लाखों युवाओं को नई उम्मीद और रोजगार का अवसर मिलेगा, जिससे सामाजिक और आर्थिक स्तर पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।कुल मिलाकर, UP पुलिस भर्ती 2025 में आयु सीमा में 3 साल की छूट का यह फैसला प्रदेश के युवाओं के भविष्य को संवारने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार और मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने स्पष्ट संकेत दिया है कि युवाओं के सपनों और परिश्रम के साथ सरकार पूरी मजबूती से खड़ी है और किसी भी तरह की प्रशासनिक देरी को उनके भविष्य में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा।
















